अब तो नक़ल की जगह अकल लगाओ पाकिस्तान

भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ८ नवम्बर को रात ८ बजे देश के इतिहास का एक और बड़ा फैसला लेते हुए रुपये ५०० और १००० के सभी नोटों को रात १२ बजे से सर्कार द्वारा मान्य मुद्रा होने का दर्जा खत्म कर दिया. यह फैसला देश को काले धन से मुक्त करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम है और पुरे विश्व में भारत के इस कदम की सराहना की जा रही है.

भारत को देखते देखते ही ऑस्ट्रेलिया ने भी नोटबंदी का फैसला लिया था और अब पाकिस्तान ने भी इसकी नकल की है. पाकिस्तान की संसद में कल यह प्रस्ताव पारित किया गया है की पुरे राष्ट्र से ५००० के नोट बंद कर दिए जाएंगे.

बिल का सुझाव संसद में पेश करते हुए उस्मान सैफ उल्लाह खान ने कहा की यह काले धन के विरुद्ध में सबसे बड़ा कदम होगा. और उसी दिन पूरी संसद ने इस प्रस्ताव के समर्थन में अपना मत दान किआ.

प्रस्तुत किये गए बिल के अनुसार यह कहा जा रहा है की ५००० के नोटों को बंद करने के वजह से लोग छोटी मुद्राओ का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे. और इससे लोग अब कैशलेस होने का सोच सकते है. बिल की गंभीरता का अनुमान लगते हुए कहा जा रहा है की यह एक कदम पूर्ण तरीके से लागू करने में तक़रीबन ४-५ साल का वक्त लग जाएगा.

हम पाकिस्तान के सर्कार द्वारा इस कदम की सराहना करते है. पर हम अभी भी यही सोच रहे है की पकिस्तान की सर्कार ने ४-५ साल का अनुमान लगते हुए इस पुरे फैसले को एक हिसाब से व्यर्थ ही कर दिया है. क्योंकि हर कोई जो काल धन रख रहा होगा, उनके पास अब पर्याप्त समय होगा ताकि वो अपनी काली संपत्ति को बचा ले.

इस वक़्त पाकिस्तान सर्कार के इस फैसले को लागू करने के तरीके के ऊपर सब कुछ निर्भर होता है. पर हम आपसे जाना चाहते है की जो हिम्मत नरेंद्र मोदी जी ने दिखाई है, वैसी हिम्मत पाकिस्तान सर्कार ने तो नहीं की है. पर उन्होंने उनकी नक़ल करने की पूरी कोशिश की है. इस पर आपकी क्या राय है?

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