चीन का ये फैसला है मुस्लिमो के खिलाफ? क्या ऐसा कर सकता है चीन?

चीन वैसे तो बुद्धिस्ट और ऐसे दुसरे धर्मो के लिए जाना जाता है, लेकिन चीन एक देश के रूप में नास्तिकता को बढ़ावा देता है। चीन के लगभग सभी प्रांत बौद्ध बहुल है, लेकिन एक प्रान्त है जहां मुसलमानो की संख्या काफी है। ये प्रान्त है शिनजियांग। चीन का ये प्रांत मंगोलिया और कज़ाकिस्तान के बीच में आता है और यहां की ज़्यादातर आबादी मुस्लमान है।

बीते कुछ समय से यहां सामाजिक अवरोध बना हुआ था और काफी अशांति का माहौल फैला हुआ था। इसको ध्यान में रखते हुए चीन ने एक ऐसा कदम उठाया है जो आजके समय में शायद सिर्फ वो ही उठाने की ताक़त रखता है।

चीन ने अपने मुस्लिम बहुत शिनजियांग प्रांत के सभी नागरिको को कहा है के वो अपने अपने पासपोर्ट सरकार के पास जमा कर दे। ऐसा करने से उनके लिए देश से बहार जाना लगभग नामुमकिन हो जायेगा।

शिनजियांग प्रांत में स्वचालित सरकार है और उसने एक फरमान जारी करके सभी नागरिको से कहा है के वो अपने अपने पासपोर्ट सरकार के पास जांच के लिये लाये और जमा करा दे।

शिनजियांग प्रांत के एक सरकारी कर्मचारी के अनुसार अगर किसीको भी पासपोर्ट की आवश्यकता होगी तो उसे पुलिस से जाके उसके लिए आवेदन देना होगा। ये नयी पासपोर्ट पालिसी शिनजियांग की सरकार ही लायी है।

इस से पहले वहां की सरकार ने फरमान जारी कर प्रांत में हो रहे किसी भी प्रकार के धार्मिक कामो की जानकारी सरकार को देने के लिए जनता को आदेश दिया है। इन कामो में शादी, खतना भी शामिल है।

चीन की सरकार धीरे धीरे ऐसे कदम उठा कर साफ़ सन्देश दे रही है के वो देश में किसी तरह के धार्मिक काम नहीं होने देगी, चाहे वो किसी भी धर्म के क्यों न हो।

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