हिंदुओं का दर्द दिखाना गैर-ज़मानती अपराध? ममता बनर्जी का सुधीर चौधरी पर बड़ा प्रहार।

आपको ये तो याद होगा के अख़लाक़ की हत्या के तुरंत बाद पूरे देश के मीडिया चैनल्स में कैसे होड़ मच गयी थी देश का नाक काटने की? आपको ये भी याद होगा के जब मालदा में हिंदुओं पर हमला हुआ तो ज़ी न्यूज़ के अलावा किसी मीडिया चैनल से उसे दिखने की हिम्मत नहीं की।

और हाल ही में जब धूलागढ़ में हिंदुओं को लूटा गया और उन्हें अपने घरो से भागने पर मजबूर किया गया, तब फिर से सारे मीडिया चैनल चुप दिखें। ज़ी न्यूज़ को छोड़ के किसी भी चैनल ने इस खबर को नहीं दिखाया।

इसका कारण क्या है?

क्या देश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार या हिंदुओं पर हो रहे दंगों को मीडिया में इसलिए नहीं दिखाया जाता क्योंकि ऐसा करने पर आपके खिलाफ गैर-ज़मानती केस किया जायेगा?

ज़ी न्यूज़ के मसहूर पत्रकार सुधीर चौधरी पर हुए ममता बनर्जी के ताज़ा हमले पे ध्यान दे तो लगेगा के यही सच है।

सबसे पहले देखें खुद सुधीर चौधरी की ज़ुबानी के आखिर, हुआ क्या है। 

सुधीर चौधरी जो कह रहे है उसका हिंदी अनुवाद इस प्रकार है:

आपको बता दूं के ममता बनर्जी सरकार ने मेरे खिलाफ और साथ ही ज़ी न्यूज़ की पत्रकार पूजा मेहता के खिलाफ और हमारे कैमरामैन तन्मय मुख़र्जी के खिलाफ एक FIR दायर की है क्योंकि हमने धूलागढ़ में हो रहे दंगों को ज़ी न्यूज़ पर दिखाया। FIR में कई गैर-ज़मानती इलज़ाम भी है जिस से ये साफ़ हो जाता है के ममता सरकार की मंशा हमें गिरफ्तार करने की है। पूजा सिर्फ 25 साल की है और इस कम उम्र में ही उसने ममता बनर्जी के इनटॉलेरेंस का उदहारण इस गैर-ज़मानती FIR के रूप में देख लिया। इस युवा महिला पत्रकार को ये सीख मिल रही है उस एक महिला मुख्यमंत्री से जो लोकतंत्र के लिए लड़ने की बाते करती है। ये हमारे देश के लोकतंत्र के लिए एक और दुखद खबर है जहां लोगों द्वारा चुनी हुई एक सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल करती है मीडिया को दबाने के लिए ताकि देश से सच्चाई छुपी रहे। जब आप मीडिया को सच दिखने से रोक नहीं पाए, तो पुलिस का इस्तेमाल करके अपने शाशन की हार को छूपाओ। ये ममता बनर्जी के इनटॉलेरेंस को दिखता है जो राज्य की पुलिस को अपने सैनिको की तरह इस्तेमाल कर रही है। इस भयानक भूल से एक अच्छी चीज़ निकलती मुझे दिख रही है, के देश के हर एक स्वन्त्र विचारो वाला नागरिक को अब एक मौका मिला है इसके खिलाफ आवाज़ उठाने का। या स्वार्थ भरी राजनीती जीत जाएगी?

इस खबर को हर दोस्त तक पहुचाये, ताकि सुधीर चौधरी की मदद हो सके और हिंदुओं की आवाज़ उठाने वालो को जेल में बंद करना बंद किया जाये।

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